म्यचूअुल फंड क्या है? MUTUAL FUND IN HINDI

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म्यचूअुल फंड क्या है? MUTUAL FUND IN HINDI-दोस्तों, आज के समय में शायद ही कोई व्यक्ति ऐसे होंगे जो म्यूचुअल फंड के बारे में नहीं सुने होंगे। क्योंकि म्यूचुअल फंड का नाम आज हर इंसान के जुबान पर है। लेकिन सिर्फ सुनने से ही नहीं होगा क्या आप म्यूचुअल फंड क्या है इसके बारे में जानते हैं, यदि नहीं तो आपके लिए हमारा यह आर्टिकल काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। क्योंकि आज हम आपको अपने लेख के माध्यम से म्यूचुअल फंड क्या है इससे संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को प्रदान करने वाले हैं।

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यदि हम म्यूचुअल फंड के बारे में बात करें, तो आज के समय में यह इन्वेस्टमेंट करने का सबसे फेमस और लोकप्रिय विकल्प है। म्यूचुअल फंड क्या है इसके बारे में आज कई लोग जानते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना चाहते तो है लेकिन इसके बारे में ज्यादा जानकारी न होने के कारण वे इसमें इन्वेस्ट नहीं कर पाते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि आज के इस पोस्ट में हम आपको म्यूचुअल फंड से संबंधित हर बड़ी छोटी जानकारियों को साझा करने वाले हैं। इसलिए आपको हमारे इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ना होगा।

म्यूचुअल फंड क्या है ?

सबसे पहले हम म्यूचुअल फंड का मतलब क्या होता है इसके बारे में जान लेते हैं, तो म्यूचुअल फंड का सामान्य मतलब सामूहिक इन्वेस्टमेंट होता है। अच्छी बात तो यह है कि म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने वाले केवल आप ही नहीं बल्कि आपके अलावा भी कई लोग है जो म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीम में कई सारे इन्वेस्टर्स का रकम जमा रहता है जिसका मुख्य लक्ष्य अपने इन्वेस्टर्स को बेहतर से बेहतर रिटर्न प्रदान करना है।

सरल शब्दों में यदि हम समझे तो म्यूचुअल फंड एक प्रकार का ऐसा Bucket होता है, जो विभिन्न अलग अलग इन्वेस्टर्स से इकठ्ठा किए हुए रकम से बना होता है। जानकारी के मुताबिक, ये बहुत सारा धनराशि फंड मैनेजर को ऑप्शन प्रदान करता है। अब आप सोच रहे होंगे कि कैसा अवसर तो आपको बता दें कि यह फंड मैनेजर को यह अवसर प्रदान करता है कि वो इन्वेस्टर्स की धनराशि को अलग अलग स्थान पर इन्वेस्ट करके उसका सही उपयोग कर सकते हैं। इस Bucket में इकठ्ठा धनराशि को Stock Market, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट, ब्रांड्स इत्यादि जैसे जगहों पर इन्वेस्टमेंट किया जाता है.

म्यूचुअल फंड के नुकसान ?

म्यूचुअल फंड के बारे और ज्यादा जानकारी प्राप्त करने से पहले आपको म्यूचुअल फंड के नुकसान के बारे में जान लेना सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि हम आसान शब्दों में समझे, तो म्यूचुअल फंड के जितने लाभ है उतने ही इसके हानि भी है। जो इस प्रकार है :-

नहीं मिलती रिटर्न की गारंटी ?

जानकारी के मुताबिक, म्यूचुअल फंड का सबसे बड़ा सच यह है कि इसमें यदि आप इन्वेस्टमेंट करेंगे, तो आपको इसके रिटर्न की गारंटी नहीं दिया जाता है। हालांकि, मार्केट में आपको बहुत सारे इन्वेस्टमेंट विकल्प उपलब्ध होते हैं जो आपको रिटर्न प्रदान करने का गारंटी देता है लेकिन म्यूचुअल फंड में ऐसा नहीं है इसमें आपको रिटर्न की कोई गारंटी नहीं दी जाती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि म्यूचुअल फंड का लाभ डायरेक्ट स्टॉक मार्केट के उतार चढ़ाव से संबंधित होता है। आपको ये भी पता होना चाहिए कि stock market में हर टाइम खतरा बना रहता है। इसका सीधा अर्थ यह है कि म्यूचुअल फंड में होने वाले लाभ में भी हमेशा ऊपर नीचे होते रहते हैं।

म्यूचुअल फंड की लागत ?

जानकारी के मुताबिक, म्यूचुअल फंड को हैंडल करने के लिए हमारे माध्यम से इन्वेस्टमेंट किए गए फंड में कुछ रकम एक्सपेंस ratio के तौर पर Fund House को प्रदान किया जाता है। यदि आप कम समय के लिए इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो इसका खर्च आपको मामूली लगेगी। वही पर यदि आप ज्यादा समय के लिए इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो इसका खर्च आपको अधिक लग सकता है। इसलिए जरूरी यह है कि आप जब भी म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने के बारे में सोचे, तो आपको पहले इसके खर्च के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लेना जरूरी होता है।

सीधे इन्वेस्टमेंट से नुकसान ?

यदि आप भी म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने के बारे में सोच रहे हैं, तो सबसे पहले आपको तकनीकी डिटेल्स प्राप्त होना काफी महत्वपूर्ण होता है। हमारे कहने का तात्पर्य यह है कि आपको मार्केट की स्तिथि पता होना चाहिए और म्यूचुअल फंड कैसे कार्य करता है ये भी आपको जानना काफी महत्वपूर्ण होता है। एक तरह देखा जाए तो ज्यादा से ज्यादा रिटर्न प्राप्त करने के लिए सीधा इन्वेस्टमेंट बेहतर ऑप्शन है लेकिन बगैर जानकारी प्राप्त हुए इसमें डायरेक्ट निवेश करना आपके लिए नुकसान साबित हो सकता है।

10 म्यूचुअल फंड शीर्ष घूंट 2021 में निवेश करने के लिए ?

तो चलिए दोस्तों जानते हैं 10 म्यूचुअल फंड शीर्ष घूंट 2021 में निवेश करने के लिए :-

  1. कोटक इमर्जिंग इक्विटी फंड :-

कटेगिरी :- मिडकैप

5 वर्ष का रिटर्न :- 14 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 5 हजार रूपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 1.96 लाख रूपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 0.61 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 8.59 लाख रूपए

मिनिमम SIP :- 1 हजार रूपए

रिस्क ग्रेड :- एवरेज से कम

एसेट्स :- 8,654 करोड़ रुपये

टॉप होल्डिंग :- रैमको सीमेंट, पीआई इंडस्ट्रीज, सुप्रीम इंडस्ट्रीज, कजारिया सीरामिक्स, कोरोमंडल इंटरनेशनल

  1. निप्पॉन इंडिया स्मालकैप :-

कटेगिरी :- स्मालकैप

5 वर्ष का रिटर्न :- 13 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 5 हजार रूपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 1.87 लाख रूपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 1.16 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 8.49 लाख

मिनिमम SIP :- 100 रुपये

रिस्क ग्रेड :- एवरेज

एसेट्स :- 10398 करोड़ रुपये

टॉप होल्डिंग :- नवीन फ्लोरीन, एफल इंडिया, दीपक नाइट्राइट, डिक्सॉन टेक्नोलॉजी, ट्यूब इन्वेस्टमेंट।

3.मिराए एसेट इमर्जिंग ब्लूचिप फंड :-

कटेगिरी :- लॉर्ज एंड मिडकैप

5 वर्ष का रिटर्न :- 18 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 5 हजार रूपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 2.30 लाख रूपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 0.74 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 9.41 लाख रूपए

मिनिमम SIP :- 1 हजार रूपए

रिस्क ग्रेड :- एवरेज से कम

एसेट्स :- 13405 करोड़ रुपये

टॉप होल्डिंग :- मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज, वोल्टास, एयरटेल, TCS, SBI।

4.ABSL डिजिटल इंडिया फंड :-

कटेगिरी :- Technology

5 वर्ष का रिटर्न :- 20 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 1 हजार रूपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 2.46 लाख रूपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 1.55 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 11.85 लाख रूपए

मिनिमम SIP :- 1 हजार रूपए

रिस्क ग्रेड :- एवरेज

एसेट्स :- 735 करोड़ रूपए

टॉप होल्डिंग :- एयरटेल, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस।

5.प्रिंसिपल इमर्जिंग ब्लूचिप फंड :-

कटेगिरी :- लॉर्ज एंड मिडकैप

5 वर्ष का रिटर्न :- 15 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 300 रूपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 2.01 लाख

एक्सपेंस रेश्यो :- 0.98 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 8.59 लाख रूपए

मिनिमम SIP :- 100 रुपए

रिस्क ग्रेड :- एवरेज से कम

एसेट्स :- 2324 करोड़ रुपए

टॉप होल्डिंग :- डिक्सॉन टेक्नोलॉजी, एचडीएफसी बैंक, आरआईएल, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक।

6.ABSL बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड :-

कटेगिरी :- Banking

5 वर्ष का रिटर्न :- 15 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 1 हजार रुपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 2.02 लाख रुपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 1.19 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 8.01 लाख रुपए

मिनिमम SIP :- 1 हजार रुपए

रिस्क ग्रेड :- एवरेज

एसेट्स :- 1910 करोड़ रुपये

टॉप होल्डिंग :- आईसीआईसीआई लोंबार्ड, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, HDFC Bank, कोटक महिंद्रा बैंक।

7.फ्रैंकलिन टेक्नोलॉजी :-

कटेगिरी :- Technology

5 वर्ष का रिटर्न :- 18.56 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 5 हजार रुपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 2.34 लाख रुपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 1.68 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 11.31 लाख रुपए

मिनिमम SIP :- 500 रुपए

रिस्क ग्रेड :- एवरेज

एसेट्स :- 418 करोड़ रुपए

टॉप होल्डिंग :- एयरटेल, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक।

8.SBI बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज फंड

कटेगिरी :- Banking

5 वर्ष का रिटर्न :- 19 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 5 हजार रुपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 2.37 लाख रुपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 1.02 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 9.01 लाख रुपए

मिनिमम SIP :- 500 रुपए

रिस्क ग्रेड :- एवरेज से कम

एसेट्स :- 1997 करोड़ रुपए

टॉप होल्डिंग :- SBI, HDFC Bank, कोटक महिंद्रा बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक।

9.SBI स्मालकैप फंड :-

कटेगिरी :- smallcap

5 वर्ष का रिटर्न :- 17 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 5 हजार रुपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 2.20 लाख रुपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 0 90 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 9.43 लाख रुपए

मिनिमम SIP :- 500 रुपए

रिस्क ग्रेड :- एवरेज से कम

एसेट्स :- 6,202 करोड़ रुपये

टॉप होल्डिंग :- नवीन फ्लोरीन, जेके सीमेंट, वीगार्ड इंडस्ट्रीज, सिटी यूनियन और Blue Start।

10.एक्सिस मिडकैप फंड :-

कटेगिरी :- मिडकैप

5 वर्ष का रिटर्न :- 16 प्रतिशत

मिनिमम इन्वेस्टमेंट :- 5 हजार रुपए

5 वर्ष में 1 लाख की वैल्यू :- 2.10 लाख रुपए

एक्सपेंस रेश्यो :- 0.55 प्रतिशत

5 वर्ष में 10 हजार मंथली SIP की वैल्यू :- 9.57 लाख रुपए

मिनिमम SIP :- 500 रुपए

रिस्क ग्रेड :- लो

एसेट्स :- 7878 करोड़ रुपए

टॉप होल्डिंग :- वोल्टास, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट, HDFC बैंक, पीआई इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और इप्का लैब।

SBI Mutual Fund क्या है ? WHAT IS SBI MUTUAL FUND IN HINDI?

यदि हम SBI Mutual Fund Kya Hai के बारे में चर्चा करें, तो देश के सबसे प्रसिद्ध और बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के माध्यम से विभिन्न योजना चलाई जा रही है जिसमें आप चाहें तो पैसे इन्वेस्ट करके अपना कैरियर बनाने के बारे में सोच सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, सरकारी बैंक के म्यूचुअल फंड को एक बिजनेस के तौर पर देखा जाता है और एसबीआई म्यूचुअल फंड भारत का सबसे बड़ा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के तौर पर भी जाना जाता है।

आज के समय में SBI Mutual Fund में लाखों से भी अधिक लोग इन्वेस्टमेंट करते हैं। सभी लोग बिना टेंशन के SBI Mutual Fund में इन्वेस्टमेंट करते हैं क्योंकि उन्हें अपने देश के सबसे बड़े SBI Bank पर पूरा विश्वास है। यदि हम रिटर्न की बात करें, तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कई म्यूचुअल फंड योजना तो ऐसी हैं, जिन्होंने केवल 1 वर्ष के भीतर में आपको 50 प्रतिशत  से 70 प्रतिशत का रिटर्न प्रदान कर रहा है।

म्यूचुअल फंड के प्रकार ? TYPES OF MUTUAL FUND

यदि हम Types of Mutual Fund की बात करें, तो मुख्य रूप से म्यूचुअल फंड सात प्रकार के होते हैं। परंतु, सबसे ज्यादा बात की जाने वाली केवल 5 ही प्रकार है।

  1. डेब्‍ट फंड
  2. इक्विटी फंड
  3. मनी मार्केट फंड
  4. बैलेंस फंड
  5. लिक्विड फंड
  6. इंडेक्‍स फंड
  7. गिल्‍ड फंड
  • डेब्ट फंड :-

यदि हम डेब्ट फंड की चर्चा करें, तो यह फंड्स सरकारी और कंपनी दोनों के फिक्स इनकम सिक्योरिटीज में इन्वेस्टमेंट किया जाता है। जानकारी के मुताबिक, इनमें कई सारे डेब्ट सिक्योरिटीज शामिल होते हैं जिनके नाम है सरकारी सिक्योरिटीज, मनी मार्केट इंस्टूमेंट्स, कॉर्पोरेट बॉण्ड, ट्रेजरी बिल इत्यादि जैसे और भी कई तरह के डेब्ट सिक्योरिटीज शामिल होते हैं।

  • इक्विटी फंड :-

इक्विटी फंड एक प्रकार का ऐसा म्यूचुअल फंड है जो Stock में मुख्य रूप से इन्वेस्टमेंट किया जाता है। यही नहीं ज्यादातर व्यक्ति इक्विटी फंड को स्टॉक फंड के तौर पर जानते हैं।

मनी मार्केट फंड :-

मनी मार्केट फंड एक प्रकार का ऐसा फंड है जो अल्पकालीन फिक्स इनकम प्रतिभूतियों जैसे बैंकरों की स्वीकृति, जमा प्रमाणपत्रों, सरकारी बांड, वाणिज्यिक पत्र, ट्रेजरी बिल इत्यादि में इन्वेस्टमेंट करते हैं। यह फंड पूरी तरह से सुरक्षित है, यही कारण है कि इस फंड में ज्यादातर लोग इन्वेस्टमेंट करना पसंद करते हैं। परंतु, यदि हम रिटर्न की बात करें, तो यह फंड बाकियों के फंड के मुकाबले तनिक कम रिटर्न प्रदान करता है। यदि आप जल्द इन्वेस्ट के साथ जल्द ही लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह फंड आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • बैलेंस फंड :-

यदि हम बैलेंस फंड की चर्चा करें, तो इसे हम हाइब्रिड फंड के नाम से भी जानते हैं। यह ब्रांड, अल्पावधि ब्रांड और Common Stock होता हैं। बैलेंस फंड में रिक्स काफी कम होता है और यही कारण है कि इसमें अधिकतर लोग इन्वेस्टमेंट करना पसंद करते हैं क्योंकि इसमें सभी के पैसे सुरक्षित होते हैं। इसलिए यदि आप भी बैलेंस फंड में इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो ये आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • लिक्विड फंड :-

लिक्विड फंड एक प्रकार का ऐसा फंड होता है जो स्कीमों के तहत धनराशि मुख्य रूप से अल्पकालीन सुविधाओ में इन्वेस्टमेंट किया जाता है। जैसे कि CP, टी बिलों इत्यादि में। यदि आप थोड़े वक्त के लिए इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं, तो ये फंड आपको काफी बेहतर रिटर्न प्रदान कर सकता है।

  • ग्रोथ फंड :-

यह एक ऐसा फंड है जिसमे इन्वेस्ट करके आप ज्यादा से ज्यादा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, इसके तहत इन सभी कंपनियों में इन्वेस्टमेंट किया जाता है जो मार्केट्स में अच्छा खासा ग्रोथ करती है। परंतु, देखा जाए तो ग्रोथ फंड में रिक्स काफी ज्यादा है।

म्यूचुअल फंड कैसे कार्य करता है ?

आपने म्यूचुअल फंड के प्रकार के बारे में तो अच्छे से जान गए होंगे, लेकिन म्यूचुअल फंड कैसे कार्य करता है अब हमें ये जान लेना भी जरूरी होता है। यदि हम सरल शब्दों में समझे कि म्यूचुअल फंड कैसे कार्य करता है, तो Mutual fund असल में इन्वेस्टर्स से धनराशि लेते हैं और उस धनराशि को इन्वेस्टमेंट करते हैं।

जानकारी के अनुसार, इन्वेस्टर्स के मन के मुताबिक म्यूचुअल फंड इस धनराशि को डेट योजना, शेयर, सेक्टर योजना, सरकारी सिक्योरिटीज के साथ इंवेस्टमेंट के अन्य प्राप्त हुए ऑप्शंस में लगाते हैं। आपको बता दूं कि इस इन्वेस्टमेंट पर बेहतर रिटर्न प्राप्त होता है और यही कारण है कि आज के समय में म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने वाले व्यक्तियों की दर बढ़ती जा रही है।

म्यूचुअल फंड के फायदे इन हिंदी ?

यदि हम म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने के फायदे के बारे में चर्चा करें, तो मुख्य रूप से म्यूचुअल फंड के कई सारे फायदे होते हैं। तो चलिए अब हम आगे के लेख में म्यूचुअल फंड के फायदे के बारे में जानते हैं। जो कि इस प्रकार है :-

इंवेस्टमेंट में विविधता :-

सबसे पहले तो आपको बता दें कि म्यूचुअल फंड का सबसे बड़ा लाभ तो यह होता है कि आपको यहां पर इंवेस्टमेंट में विविधता प्राप्त होती है। जो आपके रिक्स को कम करने में मददगार साबित होती है। यदि हम उदाहरण के तौर पर समझे तो मान लीजिए कि आप हर दिन किसी फल वाले से फल खरीदते हैं और यदि वो फल वाला किसी दिन नहीं आया तो आप बगैर फल के ही रहना होगा।

वही यदि आप दो अलग अलग फल वाले से फल खरीदते हैं, तो ऐसे में यदि एक फल वाला नही आया, तो आप दूसरे फल वाले से फल खरीद सकते हैं। क्योंकि दोनों फल वाले एक ही दिन न आए इसकी संभावनाएं काफी कम होती है। यही वजह है कि इंवेस्टमेंट में विविधता काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।

आसानी :-

जैसे कि हम जानते हैं कि शेयर बाजार या फिर दूसरे स्थानों पर इंवेस्टमेंट करना कई बार मुश्किल होता है लेकिन यदि हम म्यूचुअल फंड की बात करें, तो इसमें आप काफी आसानी से इंवेस्टमेंट कर सकते हैं। खास बात तो यह है कि यदि आप म्यूचुअल फंड में इंवेस्ट करते हैं, तो उस समय आपको उससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स भी काफी आसानी से प्राप्त हो जाता है।

कम खर्च :-

म्यूचुअल फंड का लाभ यह भी है की इसमें काफी कम खर्च होते हैं। जैसे कि अन्य निवेश सर्विस में यदि आप पैसे इंवेस्ट करते हों, तो वो आपके इंवेस्ट का दो से तीन प्रतिशत वर्षित फीस लेती है और आपके लाभ में से भी कुछ पैसे काट लेती है लेकिन म्यूचुअल फंड में ऐसा नहीं है। कुल मिलाकर देखा जाए, तो इसमें बाकियों की तुलना में काफी कम खर्च होते हैं।

कम टैक्स :-

हम कही भी अपना पैसा इंवेस्ट करते हैं, तो सबसे पहले हमारे मन में केवल एक ही प्रश्न उठता है वो यह है कि हमें कितना टैक्स भरना पड़ेगा। लेकिन म्यूचुअल फंड की बात करें, तो यह टैक्स के मामले में बिल्कुल सही है। कहने का तात्पर्य यह है कि इसमें आपको अन्य के मुकाबले काफी कम टैक्स भरने की आवश्यकता होती हैं।

म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें ?

यदि आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको हमारे नीचे दिए गए सभी स्टेप्स को ध्यान पूर्वक पढ़ने की आवश्यकता होगी :-

  • म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आप चाहें तो किसी भी वेबसाइट से डायरेक्ट इंवेस्टमेंट कर सकते हैं। आप इसमें म्यूचुअल फंड एडवाइजर की सर्विस भी प्राप्त कर सकते हैं।
  • मान लीजिए कि आप डायरेक्ट इंवेस्टमेंट करते हैं, तो आप म्यूचुअल फंड योजना के सीधे योजना में इंवेस्टमेंट कर सकते हैं। लेकिन वहीं पर यदि आप किसी एडवाइजर की सहायता से इंवेस्टमेंट करना चाहते हैं, तो आप चाहें तो रेगुलर योजना में इंवेस्ट करने के बारे में सोच सकते हैं।
  • यदि आप डायरेक्ट इंवेस्टमेंट करने का सोच रहे हैं, तो उसके लिए आपको उस म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर जाने की आवश्यकता होती है। आप चाहे तो उसके ऑफिस में अपने सभी डाक्यूमेंट्स लेकर जा सकते हैं।
  • आपको बता दूं कि सीधे योजना में इंवेस्ट करने में आपको यह लाभ होता है कि आपको किसी को भी कमीशन प्रदान करने की जरूरत नहीं होती है।
  • यही वजह है कि ज्यादा टाइम के इन्वेस्टमेंट में आपको काफी बेहतर रिटर्न प्राप्त होता है।

म्यूचुअल फंड सही है या गलत ?

दोस्तों, यदि हम म्यूचुअल फंड की बात करें, तो इसमें लंबे समय के लिए इंवेस्टमेंट करना फायदेमंद साबित हो सकता है। यदि हम सरल शब्दों में समझे, तो यदि आप भी म्यूचुअल फंड से अच्छा खासा रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको कम से कम 7 से 10 वर्ष का समय देना जरूरी होता है। अधिकतर इन्वेस्टर्स एक वर्ष में ही बेहतर रिटर्न प्राप्त करने की प्रयास में रहते हैं। लेकिन म्यूचुअल फंड में कम अवधि के लिए इंवेस्ट करना उतना सही नहीं होगा जितना ज्यादा अवधि के लिए होता है।

निष्कर्ष :-

तो दोस्तों कैसा लगा आपको हमारा यह म्यूचुअल फंड की पूरी जानकारी। उम्मीद है कि आपको हमारे इस पोस्ट के माध्यम से म्यूचुअल फंड की पूरी जानकारी प्राप्त हो गई होगी। क्योंकि आज के लेख में मैने आपको म्यूचुअल फंड से संबंधित हर छोटी से बड़ी जानकारी को साझा करने की कोशिश किया है। यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आए तो आप अपने मित्रो के साथ शेयर करना ना भूलें और यदि आपको म्यूचुअल फंड से संबंधित कोई भी सवाल पूछना हो, तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।