SPG Security क्या हैं | एसपीजी कमांडो कैसे बने

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एसपीजी सुरक्षा क्या है (फुल फॉर्म)(What is SPG security in hindi), (Full form of SPG)SPG Security kya hai (full form), Guard Salary, Weapon, Recruitment Process, SPG commando salary प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी कौन करता करता हैं कैसे करता हैं.एसपीजी कमांडो सैलरी(Sallary), एसपीजी कमांडो का फुल फॉर्म(Full form), एसपीजी कमांडो कैसे बने (How to Become SPG Officer?)

दुनिया में जितने भी देश हैं उन सभी देश के प्रधानमंत्री (Prime Minister) को सुरक्षा देने के लिए किसी न किसी एजेंसी को काम पर लगाया जाता है। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी की सुरक्षा करने का जिम्मा एसपीजी(SPG) के ऊपर है। एसपीजी में वही काबिल लोग भर्ती होते हैं जो विभिन्न प्रकार के टेस्ट को पास करते हैं क्योंकि यहां पर बात इंडिया के प्रधानमंत्री की है इसलिए प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए भर्ती होने से पहले जो अभ्यर्थी सभी प्रकार के टेस्ट को पास करता है उसे ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए एसपीजी में भर्ती किया जाता है, तो आइए जान लेते हैं कि आखिर एसपीजी क्या है (What is SPG?)अथवा एसपीजी का मतलब क्या है।(What is the meaning of SPG in HIndi)

एसपीजी क्या है? (What is SPG in Hindi)

SPG एक बहुत बड़ी पोस्ट होती है | जिसमें लोग कड़ी मेहनत करने के बाद भर्ती हो पाते हैं | SPG पद के लिए स्पेशल ट्रेनिंग कराई जाती है, जो आर्मी की कठिन ट्रेनिंग में से एक है | यह सुरक्षा देश के किसी आम नेता या आम आदमी को नहीं जाती है |SPG देश की सबसे स्पेशल फोर्स मानी जाती है (Special Force).

जिस प्रकार देश में अन्य लोगों की सुरक्षा करने के लिए अलग-अलग प्रकार की सेना है उसी प्रकार भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी एसपीजी सेना के ऊपर है।भारत में वीआईपी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई एजेंसियां हैं, इनमें सबसे प्रसिद्ध एजेंसी एसपीजी है | आपको बता दें कि ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा करती है।भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री के अलावा भारत के पूर्व पीएम की सुरक्षा, उनके परिवार वालों की सुरक्षा एसपीजी करती है। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार वाले एसपीजी सुरक्षा ले या ना ले यह उनके मन के ऊपर होता है।  इसके अलावा भी इंडिया में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें एसपीजी सुरक्षा प्राप्त है।

एसपीजी का फुल फॉर्म ( Full Form of SPG)

SPG का अंग्रेजी में पूरा नाम Special Protection Group है, वहीं हिंदी में इसका पूर्ण नाम विशेष सुरक्षा बल है। SPG एक प्रोटेक्शन ग्रुप होता है | इस ग्रुप में विशेष प्रकार के जवानो को चुनकर तैनात किया जाता है | एसपीजी में भर्ती होने के लिए जवानों को कठिन परिश्रम करके सभी प्रकार की प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता है। उसके बाद जो योग्य जवान होते हैं, उन्हें ही इसमें शामिल किया जाता है।

यह प्रधानमंत्री के साथ भारत दौरे पर आये अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा करती है | एसपीजी के जवानों को सुरक्षा, अंगरक्षा, अनुरक्षण की जाँच करने के लिए विशेष और आधुनिक उपकरण और पोशाक प्रदान की जाती है |

वर्तमान में एसपीजी सिक्योरिटी ( SPG Security ) किसे दी जाती है?

इंडिया में एसपीजी सुरक्षा भारत के प्रधानमंत्री को दी जाती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब कहीं पर जाते हैं तब उनके साथ 24 घंटे एसपीजी के जवान होते हैं। एसपीजी के जवान को अगर यह महसूस होता है कि प्रधानमंत्री की जान को खतरा है तो वह अपनी जान पर खेलकर के प्रधानमंत्री की जान बचाने का काम करते हैं।

• पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

• मनमोहन सिंह की पत्नी गुरुशरण कौर

• नमिता भट्टाचार्य ( अटल बिहारी वाजपेई की बेटी)

• सोनिया गांधी

• राहुल गांधी

वहीं यह कमांडो भारत के प्रधानमंत्री जी (PM Narendra Modi Security) की सुरक्षा करने के लिए उनके  साथ 24 घंटे तैनात रहती है |

स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप स्थापना (ESTABLISHMENT)

स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG Group) का निर्माण  देश की राजधानी नई दिल्ली में साल 1988 में 2 जून के दिन किया गया था और इसका निर्माण करने के लिए संसद के एक अधिनियम का इस्तेमाल किया गया था।तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही सुरक्षा कर्मियों द्वारा हत्या होने के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ गई थी. फिर उन्हें एक समर्पित बल जुटाने की जरूरत महसूस हुई थी, जो देश के वर्तमान और पूर्व प्रधानमंत्री व उनके परिवार की सुरक्षा कर सके दिल्ली में ही इसे बनाने के कारण इसका हेड क्वार्टर दिल्ली राज्य में ही स्तिथ है। 

इसमें जवानों का चयन विशेष सिलेक्शन कमेटी के द्वारा किया जाता है | इसमें चयन पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स (BSFCISF, ITBP, CRPF) के जवानों में से किया जाता है |जिस प्रकार सेंट्रल की कई सिक्योरिटी फोर्स है उसी प्रकार इसकी गिनती भी सेंट्रल की एक स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स में होती है।

स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप कमांडो की विशेषता (the specialty of SPG Commando?

जिस भी जवान का सिलेक्शन एसपीजी कमांडो के तहत होता है उन्हें नौकरी प्राप्त हो जाने के बाद हमेशा 24 घंटे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे हुए रहना होता है। प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं उन्हें उनके साथ जाना पड़ता है। 

एसपीजी जवान काले रंग का कोट पहनते हैं और इनके पास एक ऐसी ऑटोमेटिक गन होती है जो एक ही बार में कई राउंड फायर कर सकती है। उस गन को एफएनएफ असाल्ट राइफल कहा जाता है।

एसपीजी सुरक्षा बल के द्वारा ऑटोमेटिक गन FNF-2000 असॉल्ट राइफल से लैस का प्रयोग किया जाता है | इनके पास ग्लोक 17 नाम की एक पिस्टल भी होती है | इनके सभी कमांडों के द्वारा लाइट वेट बुलेटप्रूफ जैकेट का उपयोग किया जाता है | इस बुलेटप्रूफ जैकेट में एके 47 से चलाई गई 7.62 कैलिबर की गोली को सहने की क्षमता होती है |

एसपीजी जवान हमेशा अपनी आंखों पर चश्मा लगाकर रखते हैं। यह किसी फैशन के कारण नहीं होता है बल्कि यह इसलिए लगाया जाता है ताकि दुश्मन को यह ना दिखाई दे कि आखिर एसपीजी जवान की नजर कहां है।

दुश्मन की गोलियों से बचने के लिए एसपीजी जवान अपने पेट के हिस्से में बुलेट प्रूफ जैकेट भी पहन कर के रखते हैं।‌ इसके अलावा वह अपनी सिक्योरिटी के लिए एल्बो भी लगाते हैं।

स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप के जवान ऐसे जूते पहनते हैं जिनकी ग्रिप अच्छी हो, ताकि वह फिसलने से बचें।पीएम मोदी की सुरक्षा के लिए स्पेशल सिक्योरिटी टीम (SPG) के जवान तैनात हैं. उनकी सुरक्षा के लिए विभिन्न घेराबंदी के तहत 1,000 से अधिक कमांडो तैनात किए गए हैं। वहीं एसपीजी कमांडो पीएम के आसपास रहते हैं और एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनका साथ देते हैं.

एसपीजी में शामिल जवानों को ऐसे हैंड ग्लब्स दिए जाते हैं जो उन्हें हाथों में लगने वाली विभिन्न प्रकार की हानिकारक चोटों से बचाने का काम करते हैं।

  • एसपीजी कमांडो प्रधानमंत्री के किसी ख़ास मौके पर सुरक्षा देने के लिए सूट में रहती है | ये ऐसे सूट होते हैं जो FNF-असॉल्ट से लैस कर दिए जाते है | इसके साथ ही यह एक फुल्ली ऑटोमैटिक गैन रहती है |
  • एसपीजी के कमांडो अपनी सुरक्षा के लिए एल्बो और नई गार्ड पहने हुए होते हैं |
  • ये कमांडो जूते फिसलने वाले बिल्कुल भी नहीं पहनते है |
  • इसके अलावा मजबूत दस्ताने पहने हुए होते हैं ताकि उनके हाथों में किसी तरह की चोट न आये |
  • एसपीजी कमांडो के चश्में भी बहुत ही अलग होते है वो ऐसे चश्में पहनते है कि, उन्हें लड़ते समय किसी तरह की समस्या न हो |
  • इसके अलावा भी एसपीजी कमांडो में कई खूबियाँ होती है जोकि पब्लिक डोमेन में नहीं बताई जा सकती है |

एसपीजी बजट

सूत्रों के अनुसार 1997-98 के केंद्रीय बजट में विशेष सुरक्षा समूह के आवंटन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। एसपीजी के लिए आवंटन रु. पिछले बजट में 46 करोड़ जो बढ़कर रु। 1996-97 में संशोधित अनुमान में 54.39 करोड़। केंद्रीय वित्त मंत्री श्री पी.चिदंबरम ने रुपये आवंटित किए। 1997-98 के लिए 75.59 करोड़, एसपीजी पर दबाव और एसपीजी द्वारा प्रदान किए गए सुरक्षा कवर के विस्तार को दर्शाता है।

एसपीजी के सदस्यों का चयन कैसे किया जाता है?

किसी भी अन्य बल के विपरीत, एसपीजी में सीधे समर्पित प्रवेश नहीं होता है। वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों की भर्ती भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से की जाती है।

एसपीजी के जवान हर साल ग्रुप में बदलते हैं। कोई भी व्यक्ति एक वर्ष से अधिक समय तक सेवा नहीं करता है। जैसा कि पिछले एसपीजी कर्मियों को उनका कार्यकाल पूरा करने के बाद उनकी मूल इकाई में वापस भेज दिया जाता है, गृह मंत्रालय द्वारा इन संगठनों को एक रिक्ति सूची भेजी जाती है। सूची तब पदानुक्रम को इकाइयों के अगले निचले स्तरों पर अग्रेषित करती है। एसपीजी में विभिन्न पदों के लिए कई कर्मी इसके माध्यम से आवेदन करते हैं।

चयन प्रक्रिया

एसएसबी की तरह, चयन में पीआई, साइक और फिजिकल टेस्ट होते हैं। चयन प्रक्रिया का पहला चरण आईजी (इंस्पेक्टर जनरल), दो डिप्टी आईजी और दो सहायक आईजी रैंक के एक आईपीएस अधिकारी द्वारा आयोजित एक व्यक्तिगत साक्षात्कार है। साक्षात्कार के बाद, एक शारीरिक परीक्षा, एक लिखित परीक्षा और एक मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन आयोजित किया जाता है।

एसपीजी में भर्ती होने के लिए क्या करें?

अगर कोई अभ्यर्थी एसपीजी में भर्ती हो जाता है तो उसे एसपीजी कमांडो कहा जाता है। बता दे कि कि जितने भी अभ्यर्थी एसपीजी में भर्ती होते हैं उनका सिलेक्शन करने के लिए बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ का इस्तेमाल होता है और इन्हीं में से कुछ स्पेशल जवानों का सिलेक्शन करके उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें एसपीजी में शामिल कर लिया जाता है।

यह ट्रेनिंग बहुत ही कठिन होती है। इसलिए जिनका सिलेक्शन ट्रेनिंग के लिए होता है उसमें से भी कई अभ्यर्थी ट्रेनिंग पूरी नहीं कर पाते हैं और आधे रास्ते से ही वह बाहर हो जाते हैं। जो अभ्यर्थी ट्रेनिंग पूरी कर लेते हैं उन्हें एसपीजी कमांडो कहा जाता है।

आपको यह भी बता दें कि स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप एजेंसी की देखरेख इंडिया के होम मिनिस्टरी डिपार्टमेंट के अंतर्गत होती है, क्योंकि एसपीजी इसी के अंतर्गत काम करती है।

एसपीजी में शामिल होने के लिए उम्‍मीदवारों को एसएसबी (SSB) की तरह कई चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है (SPG Selection Process). इनके पीआई, साइक और फिजिकल टेस्ट होते हैं. चयन प्रक्रिया के पहले चरण में आईजी (इंस्पेक्टर जनरल), दो डिप्टी आईजी और दो सहायक आईजी रैंक के आईपीएस अधिकारी व्यक्तिगत इंटरव्यू लेते हैं. इसके बाद एक फिजिकल टेस्ट, एक लिखित परीक्षा और एक मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन आयोजित किया जाता है. इनमें सफल होने वाले उम्‍मीदवारों को स्‍पेशल ट्रेनिंग दी जाती है (SPG Commando Training).

एसपीजी कमांडो की सैलरी क्या है (Salary Of SPG Commandos)

एसपीजी कमांडो की सैलरी की बात करें तो शुरुआत में उन्हें महीने में ₹84,236 से लेकर ₹90000 तक की सैलरी मिलती है और एक महीने में इनकी अधिकतम सैलरी ₹240457 के आसपास होती है। बोनस के तौर पर इन्हें ₹153 से ₹16,913 तक मिलते हैं और इन्हें ₹10000 तक का कमीशन भी मिलता है।

एसपीजी कमांडो को अच्छी सैलरी के अलावा साल भर कई छुट्टियां भी दी जाती हैं। इसके अलावा उनका पीएफ और टीडीएस भी काटा जाता है ताकि भविष्य में उन्हें रिटायरमेंट के बाद अच्छा पैसा मिल सके।इसके अलावा उनके पास रेलवे में मुफ्त यात्रा का भी प्रावधान है, साथ ही उनके खाने-पीने की व्यवस्था और उनका खर्च प्रधानमंत्री के पास रहने के कारण सरकारी कोटे से काट लिया जाता है।

एसपीजी की शाखाएं (Branches of SPG)

एसपीजी को मोटे तौर पर 4 शाखाओं में वर्गीकृत किया गया है

  • संचालन: यह वास्तविक सुरक्षा कर्तव्यों से संबंधित है। संचालन शाखा में, संचार विंग, परिवहन विंग और तकनीकी विंग जैसे घटक होते हैं।
  • प्रशिक्षण: यह श्रेणी कर्मियों के शारीरिक दक्षता, फायरिंग, तोड़फोड़ विरोधी जांच, संचार और अन्य परिचालन पहलुओं में प्रशिक्षण से संबंधित है।
  • खुफिया और पर्यटन: यह खतरे के आकलन, कर्मियों से संबंधित आंतरिक खुफिया, चरित्र और पूर्ववृत्त के सत्यापन, पर्यटन और अन्य संबंधित नौकरियों से संबंधित है।
  • प्रशासन – यह श्रेणी कर्मियों, खरीद और अन्य संबंधित मामलों से संबंधित है।

Qualification, Age Limit And Allowances

  1. उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए।
  2. उम्मीदवार की आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  3. किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास।
  4. आईपीएस, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के सेवारत सदस्य।
  5. एसपीजी सदस्यों का भत्ता उनके मूल वेतन का 50% है। प्रशासनिक अनुभाग में सदस्यों को 25% की बढ़ोतरी मिलती है।

SPG kya hai

एसपीजी कैसे कार्य करता है (SPG Functions)

प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं उनकी सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं निर्धारित की जाती हैं – चाहे वह घरेलू या विदेशी दौरा हो। इसमें तोड़फोड़ रोधी जांच, स्थानों की सफाई और व्यक्तिगत सुरक्षा विवरण से सब कुछ शामिल था।

कार में उसके साथ पुरुषों की संख्या, डायस पर आदि जैसी सभी चीजों को निर्दिष्ट करने के लिए विस्तृत परिचालन प्रक्रियाएं हैं। वे इस बात पर भी कड़ी निगरानी रखते हैं कि पीएम से कौन मिलता है और किसे मिलने दिया जाता है। एसपीजी पीएम के फोन कॉल का भी जवाब देती है और पीएम से यह तय करने को कहती है कि उस व्यक्ति से मिलना है या नहीं।

एसपीजी पीएम के चारों ओर कई सुरक्षा घेरे बनाकर उनकी रक्षा करती है। अंतरतम रिंग के सदस्यों के पास हमले के मामले में पीएम को सुरक्षित निकालने का एकमात्र मिशन है। एसपीजी काउंटर असॉल्ट टीम आमतौर पर दूसरे स्तर का निर्माण करती है। उन्हें सुरक्षा के लिए पीएम को पर्याप्त समय देने के लिए कवरिंग फायरपावर प्रदान करने का काम सौंपा गया है।

मुख्य आक्रमण दल के अलावा, जो आप यहां देख रहे हैं, उन्हें एक तीसरे घेरा द्वारा भी समर्थन दिया जा सकता है जिसमें एनएसजी, आईएएफ, और परिधि और एयरोस्पेस सुरक्षा के लिए स्थानीय बल शामिल हैं।

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